आर्ट्स अँड कॉमर्स कॉलेज, अंकलाव (गुजरात) येथील प्राध्यापक चिंतन महिदा यांनी निर्मित केलेला 28 मिनिटांचा AI आधारित चित्रपट “SS Ramdas” सध्या चर्चेत आला आहे. हा चित्रपट भारताच्या स्वातंत्र्याच्या अगोदर घडलेल्या एका अत्यंत महत्त्वाच्या पण आज विस्मृतीत गेलेल्या समुद्री दुर्घटनेवर आधारित आहे.
हा ऐतिहासिक ड्रामा आणि डिजास्टर चित्रपट SS Ramdas जहाज दुर्घटनेवर आधारित असून, यात सुमारे 700 निरपराध लोकांनी आपले प्राण गमावले होते. ही घटना महाराष्ट्राच्या किनाऱ्यावर घडलेली सर्वात मोठ्या समुद्री दुर्घटनांपैकी एक मानली जाते, जी कालांतराने लोकांच्या स्मरणातून हरवली आहे।
चित्रपटात भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) पासून मुंबई ते रेवस या प्रवासाचे जिवंत चित्रण करण्यात आले आहे. तसेच गिरगाव आणि परेल येथील कामगार वर्गाचे जीवन, त्यांचे संघर्ष आणि गटारी अमावस्या सारख्या स्थानिक सणांचे हृदयस्पर्शी दर्शन घडवण्यात आले आहे. त्यामुळे प्रत्येक महाराष्ट्रीयन प्रेक्षकाला या चित्रपटाशी भावनिक नाते जोडता येईल.
प्राध्यापक चिंतन महिदा यांच्या मते, या चित्रपटाचा मुख्य उद्देश नवीन पिढीला इतिहासाशी जोडणे आणि विस्मृतीत गेलेल्या बलिदानांची आठवण करून देणे हा आहे. AI तंत्रज्ञानाचा वापर करून त्यांनी इतिहास अधिक प्रभावी आणि आधुनिक पद्धतीने सादर केला आहे।
मुख्य वैशिष्ट्ये:
- SS Ramdas जहाज दुर्घटनेवर आधारित भारतातील पहिला चित्रपट
- 28 मिनिटांचा ऐतिहासिक ड्रामा/डिजास्टर चित्रपट
- महाराष्ट्राची संस्कृती, भूगोल आणि सामाजिक जीवनाचे प्रभावी चित्रण
- 700 लोकांच्या बलिदानाला श्रद्धांजली
- AI तंत्रज्ञानाचा अभिनव वापर
हा चित्रपट इंटरनेटवर विनामूल्य उपलब्ध आहे, ज्यामुळे अधिकाधिक लोकांना या ऐतिहासिक घटनेची माहिती मिळू शकते।
हा चित्रपट केवळ एक कलाकृती नसून, इतिहासाला पुन्हा उजाळा देणारा आणि समाजाला आपल्या मुळांशी जोडणारा एक महत्त्वपूर्ण प्रयत्न आहे।
मीडिया संपर्क:
प्रा. चिंतन महिदा
Lecturer, Arts and Commerce College, Anklav, Gujarat (7777888804)
प्रेस विज्ञप्ति / NEWS RELEASE
AI फिल्म “SS Ramdas” — भूली हुई समुद्री त्रासदी पर आधारित एक भावनात्मक ऐतिहासिक प्रस्तुति
अंकलाव, गुजरात:
प्रो. चिंतन महिदा, जो आर्ट्स एंड कॉमर्स कॉलेज, अंकलाव (गुजरात) में व्याख्याता हैं, द्वारा निर्मित 28-मिनट की AI आधारित फिल्म “SS Ramdas” आज चर्चा का विषय बन रही है। यह फिल्म भारत की स्वतंत्रता से ठीक पहले घटित एक बेहद महत्वपूर्ण लेकिन लगभग भुला दी गई समुद्री त्रासदी को सामने लाती है।
यह ऐतिहासिक ड्रामा और डिजास्टर फिल्म SS Ramdas जहाज दुर्घटना पर आधारित है, जिसमें लगभग 700 निर्दोष लोगों ने अपनी जान गंवाई थी। यह घटना महाराष्ट्र के तट पर हुई सबसे बड़ी समुद्री त्रासदियों में से एक मानी जाती है, जिसे समय के साथ लोग भूलते चले गए।
फिल्म में भाऊचा धक्का (Ferry Wharf) से लेकर मुंबई से रेवस तक की यात्रा को जीवंत रूप में प्रस्तुत किया गया है। साथ ही, गिरगांव और परेल के कामकाजी वर्ग के जीवन संघर्ष, तथा गाटरी अमावस्या जैसे स्थानीय त्योहारों का मार्मिक चित्रण इसे खास बनाता है। यह फिल्म विशेष रूप से मराठी और महाराष्ट्रीयन समाज के भावनात्मक जुड़ाव को ध्यान में रखकर बनाई गई है।
प्रो. चिंतन महिदा का कहना है कि इस फिल्म का उद्देश्य नई पीढ़ी को इतिहास से जोड़ना और भूले हुए बलिदानों को याद करना है। AI तकनीक के माध्यम से उन्होंने इतिहास को आधुनिक और प्रभावशाली तरीके से प्रस्तुत करने का प्रयास किया है।
मुख्य विशेषताएं:
- भारत की पहली फिल्म जो SS Ramdas जहाज दुर्घटना पर आधारित है
- 28 मिनट की ऐतिहासिक ड्रामा/डिजास्टर प्रस्तुति
- महाराष्ट्र की संस्कृति, भूगोल और सामाजिक जीवन का सजीव चित्रण
- 700 लोगों के बलिदान को श्रद्धांजलि
- AI तकनीक का अभिनव उपयोग
यह फिल्म इंटरनेट पर निःशुल्क उपलब्ध है, जिससे अधिक से अधिक लोग इस ऐतिहासिक घटना के बारे में जान सकें।
यह प्रयास न केवल एक फिल्म है, बल्कि इतिहास को पुनर्जीवित करने और समाज को उसकी जड़ों से जोड़ने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
















